प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर


परमेश्वर के वचनों का एक भजन
प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर

I
काम कर रहे हैं परमेश्वर अखिल विश्व में। पूरब में जो शोर गरजता, शिथिल न होता है, हिला रहा है सभी पंथ, सम्प्रदायों को। ये परमेश्वर की वाणी जो, वर्तमान में ले आई है सबको। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।

उसकी वाणी में सारे अधीन हो जायेंगे। इस धारा में आकर वे नतमस्तक हो जायेंगे। इस धरती की महिमा प्रभु ने, बहुत पहले ही वापस ले ली। पूरब से उसने वो महिमा फिर से लौटाई है। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।

कौन नहीं चाहता देखे परमेश्वर की महिमा को? कौन नहीं ऐसा जो उनकी राह देखे आतुरता से? कौन नहीं है प्यासा, फिर से उसके दर्शन को? कमी नहीं खलती है उसकी सुन्दरता की किसको? कौन रोशनी की ओर न आना ही चाहेगा? कौन कनान की सम्पदा को देखना न चाहेगा? कौन मुक्तिदाता लौट आये ऐसा न चाहेगा? कौन सर्वशक्तिमान का गुणगान न करना चाहेगा? गुणगान न करना चाहेगा? प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
II
परमेश्वर की वाणी पूरी धरती पर फैलानी है। उसे बहुत कुछ कहना है अपने चुनिंदों से। वो अखिल ब्रह्मांड से और मानवता से यूं बात करता है, अपने चुनिंदा से, प्रबल गर्जना हिला देती ज्यों नदियों और पहाड़ों को। यही वजह है वचन प्रभु के बनते मानव की पूंजी। वचन प्रभु के परमप्रिय लगते हैं हर इक मानव को। पूरब से पश्चिम को सीधी, चमचम चमके दामिनी परमेश्वर के वचन का त्याग, करना लोग नहीं चाहते, करना लोग नहीं चाहते। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर। प्रभु वचनों की थाह नहीं है, फिर भी सुख का सागर लाते हैं। प्रभु आगमन पर सब ख़ुश हैं, जैसे आने पर नव-शिशु के। प्रभु-वाणी सबको मोहित कर प्रभु के सम्मुख लाती है। परमेश्वर विधिवत आते हैं अब से इंसानों के बीच। यही वजह है पूजन करने आ जाते हैं सारे जन। परमेश्वर जो महिमा और वचन देते उसके कारण, परमेश्वर-सम्मुख सब आते, और प्रकाश पूरब का देखते। प्रभु उतर आये हैं पूरब में “ज़ैतून के पर्वत पर बहुत समय से हैं धरती पर, “यहूदी के बेटे न होकर। वो पूरब की दामिनी हैं, क्योंकि जी उठे फिर से परमेश्वर। गए छोड़कर मानव को अब फिर प्रकट हुए महिमा लेकर। परमेश्वर हैं वो जिनको पूजा था युग-युग पहले, वो “शिशु जिसको त्यागा था इस्राएलियों ने उस हालत में। वो वर्तमान युग के वैभवशाली सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं! सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं! प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।
III
उनकी चाहत तो बस इतना हासिल करना है: सम्मुख आये जनमानस प्रभु सिंहासन के, देखे उनका मुख, उनके काम, और सुने वाणी उनकी। यही अंत है, यही चरम है उनकी योजना का, और प्रयोजन परमेश्वर के प्रबंधन का। सभी राष्ट्र करते हैं पूजन और वंदन उनका। करते सारे मानव विश्वास और हैं प्रजा उनकी, और हैं प्रजा उनकी। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर। प्रकट हुए परमेश्वर जग के पूरब में महिमा लेकर।


"वचन देह में प्रकट होता है" से

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